
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
सुरों की मिठास, कविता की संवेदना, नृत्य की लय और आत्मविश्वास से भरी अभिव्यक्ति के बीच पीएफसी एजुकेशन का आठवां जन्मदिन विद्यार्थियों की प्रतिभाओं के उत्सव के रूप में यादगार बन गया। शनिवार को आयोजित ओपन माइक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में कशक जैन, आर्यन जैन, मयंक भानावत, अवनी शर्मा, हेतल मिरानी, ऐश्वर्या पाटीदार, प्रणिका, निवेद्या, राधिका, तियारा, प्रिशा और कियाना सहित अनेक विद्यार्थियों ने गायन, नृत्य, कविता, संगीत और अन्य रचनात्मक विधाओं में प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरीं। प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों का उत्साह, आत्मविश्वास और रचनात्मकता साफ दिखाई दी।
पीएफसी एजुकेशन की निदेशक मीनाक्षी भेरवानी ने कहा कि संस्थान ने आठ वर्षों के शैक्षणिक सफर में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं रचनात्मक क्षमता के विकास को भी समान महत्व दिया है। कक्षा में मिली सीख तब और सार्थक होती है, जब विद्यार्थी मंच पर स्वयं को निर्भीक होकर अभिव्यक्त करना सीखता है। इसी उद्देश्य से ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा पहचानने और उसे सामने लाने का अवसर दिया जाता है।
समारोह में हिमांशु जैन, गुरलीन अरोड़ा, शीतल गुप्ता, मनाली छूग, दीपमाला मेवाड़ा और उपेश भट्ट विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। शहर के गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम का आनंद लिया तथा प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
आठवें जन्मदिन का यह आयोजन पीएफसी एजुकेशन की आठ वर्षों की उपलब्धियों, विद्यार्थियों के साथ बने भावनात्मक जुड़ाव और भविष्य की संभावनाओं का उत्सव बन गया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आने वाले वर्षों में भी विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अपनी प्रतिभा निखारने के लिए ऐसे मंच निरंतर उपलब्ध कराए जाएंगे।
रिपोर्ट/फोटो: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


