
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के दृश्यकला विभाग में आयोजित त्रिदिवसीय फोटोग्राफी प्रदर्शनी में उदयपुर के जनजीवन, ऐतिहासिक विरासत, लोक संस्कृति और प्रकृति के विविध रंग कैमरे के फ्रेम में जीवंत नजर आए। झीलों पर उतरती सांझ से लेकर ऐतिहासिक इमारतों की स्थापत्य गरिमा, ग्रामीण जीवन की सहजता और प्रकृति के अनछुए रूपों तक, विद्यार्थियों के छायाचित्रों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

प्रदर्शनी में विभाग के विद्यार्थियों द्वारा खींचे गए 100 से अधिक चयनित छायाचित्र प्रदर्शित किए गए। तस्वीरों में केवल दृश्य ही नहीं, बल्कि युवा फोटोग्राफरों की संवेदना, रचनात्मकता और अपने परिवेश को देखने का अलग नजरिया भी दिखाई दिया। ऐतिहासिक धरोहरों, ग्रामीण जनजीवन, लोक परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को विद्यार्थियों ने प्रभावी ढंग से कैमरे में कैद किया।
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट राकेश शर्मा ‘राजदीप’ के छायाचित्र रहे। उनके फोटो फ्रेमों में उदयपुर शहर के बदलते स्वरूप के साथ ग्रामीण जीवन, श्रम, मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों की सहज झलक देखने को मिली। इन छवियों ने विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को फोटोग्राफी के सामाजिक सरोकारों से भी परिचित कराया।
कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा ने अपने संदेश में कहा कि फोटोग्राफी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, विरासत और परिवेश को नए नजरिये से समझने का अवसर देती है। आर्ट्स कॉलेज के अधिष्ठाता प्रो. नीरज शर्मा ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उनके भीतर दृश्यबोध और कलात्मक दृष्टि को विकसित करने में सहायक होते हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर वशिष्ठ ने प्रदर्शनी को विभाग की सृजनात्मक गतिविधियों का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए ऐसी गतिविधियों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
मुख्य अतिथि राकेश शर्मा ‘राजदीप’ ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए फोटोग्राफी के तकनीकी पक्ष, प्रकाश संयोजन, विषय चयन, सही समय की समझ, दृश्यबोध और व्यावसायिक संभावनाओं पर उपयोगी जानकारी साझा की।
फोटोग्राफी प्रतियोगिता में कोईना दवे ने प्रथम, ललित डांगी ने द्वितीय तथा अनन्या शर्मा और हर्षिता गौड़ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हितेश प्रजापत, रेणु जैन और भगवती को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। प्रदर्शनी 21 अगस्त तक जारी रहेगी।
कार्यक्रम में डॉ. शाहिद परवेज, डॉ. दीपिका माली, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. यामिनी शर्मा, प्रो. रघुनाथ शर्मा, यज्ञाचार्य सुरेश पालीवाल, डॉ. मनीष, डॉ. गिरिराज, प्रभुलाल, डॉ. मयंक शर्मा, शर्मिला राठौर सहित संकाय सदस्य, विद्यार्थी और कला प्रेमी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : यौवंतराज माहेश्वरी


