
जयपुर | शाबाश इंडिया।
श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, मुरलीपुरा में 35 वर्षों के बाद पहली बार परम पूज्य, दिव्य तपस्वी, राष्ट्र संत आचार्य 108 श्री सुंदर सागर जी महाराज की सुयोग्य शिष्या आर्यिका 105 श्री सुकाव्यमति माताजी ससंघ (क्षुल्लिका सुज्ञप्तिमति माताजी सहित) का पावन वात्सल्य चातुर्मास आयोजित होगा। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर मुरलीपुरा सहित सकल दिगम्बर जैन समाज में हर्ष, उल्लास और धार्मिक उत्साह का वातावरण है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष नीरज जैन ने बताया कि रविवार, 26 जुलाई 2026 को प्रातः 6:15 बजे सेक्टर-01, न्यू विद्याधर नगर से पूज्य आर्यिका संघ का मंगल विहार प्रारम्भ होगा। इसके पश्चात अल्का सिनेमा से श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर, मुरलीपुरा तक भव्य मंगल प्रवेश शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में धर्म ध्वजाएँ, सुसज्जित बैंड, डी.जे. ऑन व्हील पर जिनधर्म के जयघोष, पुष्पवर्षा, आकर्षक स्वागत द्वार, भव्य रैंप, पारंपरिक वेशभूषा में श्रद्धालु तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं द्वारा स्वागत-अभिनंदन मुख्य आकर्षण रहेंगे। मार्ग में अनेक स्थानों पर श्रद्धालु पूज्य आर्यिका संघ के दर्शन एवं वंदना का सौभाग्य प्राप्त करेंगे।
वात्सल्य चातुर्मास को लेकर समाज के पुरुष, महिलाएँ, युवा एवं बच्चे विशेष उत्साहित हैं। पूज्य माताजी के मंगल आगमन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं तथा पूरे क्षेत्र को धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण से सजाया जा रहा है।
मुरलीपुरा सकल दिगम्बर जैन समाज ने धर्मानुरागी श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर पूज्य आर्यिका श्री सुकाव्यमति माताजी ससंघ के भव्य मंगल प्रवेश का स्वागत करने तथा इस ऐतिहासिक अवसर का धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।


