
अजमेर | शाबाश इंडिया।
साधना महोदधि तपाचार्य अंतर्मना 108 आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी महामुनिराज के 57वें अवतरण दिवस के अवसर पर श्री दिगंबर जैन महासमिति, अजमेर संभाग द्वारा ग्राम नरवर स्थित गोडविल स्कूल में सेवा, शिक्षा, संस्कार एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
महासमिति के संभाग अध्यक्ष अतुल पाटनी एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य तथा संभाग महामंत्री कमल गंगवाल ने बताया कि महासमिति द्वारा वर्षों से गोद लिए गए इस विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए अनेक सेवा प्रकल्प संचालित किए गए। संरक्षक राकेश पालीवाल एवं अध्यक्ष अतुल पाटनी के सहयोग से 100 विद्यार्थियों को गणवेश वितरित किए गए। हैदराबाद निवासी मनोज चौधरी के सहयोग से उत्तर पुस्तिकाएँ एवं ज्योमेट्री बॉक्स उपलब्ध कराए गए। वहीं पुनीत-विनीता लुहाड़िया (अजमेर), सीमा जैन (गाजियाबाद) एवं प्रभा जैन (मुंबई) के सहयोग से विद्यालय के लिए फर्नीचर उपलब्ध कराया गया। जयपुर निवासी सुनील पाटनी एवं आशीष पांड्या के सहयोग से विद्यालय का सौंदर्यीकरण भी कराया गया।
आचार्य श्री के अवतरण दिवस को पर्यावरण संरक्षण संकल्प दिवस के रूप में मनाते हुए विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण किया गया तथा पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाए गए।
विद्यालय प्रशासन ने सभी अतिथियों का ओढ़ना ओढ़ाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा णमोकार महामंत्र के सामूहिक जाप के साथ हुआ।
इस अवसर पर अध्यक्ष अतुल पाटनी ने विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को शिक्षा के साथ संस्कार, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताते हुए समाज से ऐसे जनहितकारी कार्यों में निरंतर सहयोग करने का आह्वान किया।
महासमिति के प्रवक्ता संजय कुमार जैन ने बताया कि कार्यक्रम में अध्यक्ष अतुल पाटनी, महामंत्री कमल गंगवाल, संरक्षक राकेश पालीवाल, उपाध्यक्ष ताराचंद सेठी, व्यवस्थापक मनीष पाटनी, विजय पांड्या, अंकित गंगवाल, रेनू पाटनी, विद्यालय प्रशासन, ग्रामवासी, विद्यार्थी एवं अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के संयोजक एवं उपाध्यक्ष ताराचंद सेठी ने सभी सेवा सहयोगियों, भामाशाहों एवं उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक सहयोग से ही शिक्षा, सेवा और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य निरंतर आगे बढ़ाए जा सकते हैं।


