उदयपुर | शाबाश इंडिया।

फतहसागर की विश्वप्रसिद्ध पाल पर उस समय उत्साह और तालियों की गूंज सुनाई दी, जब मात्र सात वर्षीय बाल योग साधक सूर्याक्ष शर्मा ने मंच पर लगातार 126 सूर्यनमस्कार चक्र पूर्ण कर अपनी असाधारण एकाग्रता, ऊर्जा और योग साधना का प्रदर्शन किया।
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में राजकीय आदर्श आयुर्वेद औषधालय सिंधी बाजार, पतंजलि योग समिति उदयपुर, सुकृपा फाउंडेशन एवं स्वास्थ्य सेतु के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस योग कार्यक्रम में हजारों योग साधक एवं दर्शक उपस्थित रहे। बाल योगी का प्रदर्शन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा।
सूर्याक्ष शर्मा के अनुशासन और समर्पण से प्रभावित होकर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व अतिरिक्त जिला कलेक्टर (शहर) वार सिंह ने उन्हें मंच पर गोद में उठाकर सम्मानित किया, जिससे पूरा माहौल भावुक और उत्साहपूर्ण हो गया।
कार्यक्रम में सहायक निदेशक आयुर्वेद डॉ. भानुकुमार जैन, वैद्य शोभालाल औदीच्य, डॉ. विष्णु बंशीवाल, सुरेश पालीवाल, कृष्णा पालीवाल, मुकेश पाठक, योगी अशोक जैन तथा वरिष्ठ योगाचार्य पूरण सिंह राठौड़ सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने उपरणा, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर बाल योगी का सम्मान किया।
गौरतलब है कि 21 जून को गांधी ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भी सूर्याक्ष शर्मा को उत्कृष्ट योग प्रदर्शन के लिए जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।
योगाचार्य दंपती मनीता शर्मा और जिग्नेश शर्मा के सुपुत्र तथा सेंट्रल एकेडमी, हिरण मगरी सेक्टर-5 के कक्षा द्वितीय के विद्यार्थी सूर्याक्ष शर्मा ने अपनी प्रतिभा से यह सिद्ध कर दिया कि उम्र उपलब्धियों की सीमा नहीं होती।
उनकी यह उपलब्धि उदयपुर के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय बनी।


