Wednesday, October 21, 2026

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

राग, द्वेष, क्रोध, मान, माया, लाभ मोहनीय कर्म की बाधा दूर करने पर ही शिव मोक्ष का मार्ग मिलेगा :आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सहित सप्त ऋषियों का 55 वर्षों के बाद शिवाड़ में हुआ भव्य मंगल प्रवेशटोंक। 55 वर्षों के पूर्व दीक्षा...

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