वीर निर्वाण संवत् 2553 का होगा शुभारंभ, 9 नवंबर को जैन संतों के चातुर्मास का निष्ठापन
जयपुर (शाबाश इंडिया)। जैन धर्मावलंबियों के नववर्ष वीर निर्वाण संवत् 2553 का शुभारंभ कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकम, मंगलवार, 10 नवंबर को होगा। इससे एक दिन पूर्व, कार्तिक कृष्ण अमावस्या, सोमवार, 9 नवंबर को वीर निर्वाण संवत् 2552 का समापन होगा।
राजस्थान जैन युवा महासभा, जयपुर के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि सोमवार, 9 नवंबर को दिगम्बर जैन आचार्यों, मुनियों, आर्यिकाओं, क्षुल्लकों एवं क्षुल्लिकाओं के चातुर्मास का निष्ठापन और वर्षायोग का समापन होगा।
आचार्य भरत सागर महाराज का 20वां समाधि दिवस सोमवार को
विनोद जैन के अनुसार, सोमवार, 9 नवंबर को वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमल सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य आचार्य भरत सागर महाराज का 20वां समाधि दिवस मनाया जाएगा। इसी दिन सायंकाल भगवान महावीर के प्रथम गणधर गौतम स्वामी का केवलज्ञान दिवस भी मनाया जाएगा। इस अवसर पर कई साधु-संतों द्वारा संयम के उपकरण पिच्छिका का परिवर्तन भी किया जाएगा।
सांगानेर थाना सर्किल स्थित चित्रकूट कॉलोनी के श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में चातुर्मासरत आचार्य विशद सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में सोमवार, 9 नवंबर को आचार्य भरत सागर महाराज के समाधि दिवस पर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। वहीं, मंगलवार, 10 नवंबर को आचार्य विशद सागर महाराज ससंघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह आयोजित होगा।
विनोद जैन ने बताया कि जयपुर में वर्तमान में 15 स्थानों पर दिगम्बर जैन संतों एवं आर्यिका माताजी का चातुर्मास चल रहा है।
विनोद जैन ‘कोटखावदा’
प्रदेश महामंत्री
राजस्थान जैन युवा महासभा, जयपुर


