
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
सुरों की मंडली संस्था की ओर से नवरात्रि के उपलक्ष्य में अशोका पैलेस स्थित मधुश्री बैंक्वेट हॉल में ‘मातृ शक्ति वंदन’ संगीतमय समारोह आयोजित किया गया। दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक सजी इस महफिल में देवी आराधना, कृष्ण भजनों और लोकधुनों के माध्यम से महिला गायिकाओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संगीत विभाग की प्रभारी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पामिल मोदी मुख्य अतिथि रहीं।
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने कहा कि महिलाओं की प्रतिभा को अवसर और प्रोत्साहन देना जरूरी है। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. हर्षा राज ने इसे महिला गायन प्रतिभाओं को समर्पित पहल बताया, वहीं सहसंयोजिका डॉ. प्रियंका भट्ट ने संगीत को संस्कृति और आध्यात्मिकता से जोड़ने वाला सशक्त माध्यम बताया।
भक्ति गीतों से सजी महफिल
डॉ. पामिल मोदी ने ‘ये हौसला’, डॉ. हर्षा राज ने ‘मां आ जाओ इस बार’ और डॉ. प्रियंका भट्ट ने स्वरचित गरबा ‘मां जुवो सगला’ प्रस्तुत किया। डॉ. शालिनी भटनागर, नीतिका गोयल, दिव्या सारस्वत, वैशाली परियानी और नीलम पटवा ने भी भक्ति गीतों से माहौल को भक्तिमय बनाया।
नूतन वेदी ने ‘खम्मा रे खम्मा’ और सरस्वती वंदना, रानी झा ने ‘ऐ गिरि नंदिनी’ तथा प्रीति माथुर ने ‘दमादम मस्त कलंदर’ प्रस्तुत कर महफिल में विविध रंग भरे। माधवी पांचाल, वीनू वैष्णव, नीलम कौशल, स्वप्नालिका अजमेरा, वीणा डांगी और रेखा वर्मा की प्रस्तुतियों ने भी श्रोताओं को भावविभोर किया।
समारोह ने संदेश दिया कि नारी शक्ति की आराधना के साथ महिलाओं की सृजनशीलता, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रतिभा को मंच देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


