Saturday, October 10, 2026

मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना स्वस्थ समाज की पहली जरूरत : कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत

जयपुर | शाबाश इंडिया।

राजस्थान विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। बढ़ते शैक्षणिक दबाव, प्रतिस्पर्धा और सामाजिक चुनौतियों के दौर में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी भावनाओं को समझने और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने का आह्वान किया।

प्रो. सारस्वत ने शिक्षकों से विद्यार्थियों की मनस्थिति को समझने और उनकी भावनात्मक चुनौतियों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि आसपास का वातावरण सकारात्मक बनाए रखना जरूरी है। जब कोई व्यक्ति अपनी परेशानी साझा करे, तो उसकी बात ध्यान से सुननी और समझनी चाहिए। कई बार किसी की बात धैर्यपूर्वक सुनना ही सकारात्मक बदलाव की शुरुआत बन सकता है। उन्होंने कक्षा में पाठ्यपुस्तकों के साथ जीवन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा करने और परेशानियों के बारे में खुलकर बोलने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा पुरी ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों और समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़े भ्रम एवं सामाजिक कलंक को दूर करना और जरूरत के समय मनोवैज्ञानिक सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि तनाव, चिंता और भावनात्मक चुनौतियों पर खुलकर संवाद होना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य को केवल बीमारी तक सीमित न रखकर व्यक्ति के समग्र जीवन और कल्याण से जोड़कर देखने की जरूरत है।

विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. मनिका मोहन ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए सकारात्मक जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ए.वी.एस. मदनावत ने मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में डॉ. ज्योति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर प्रो. रामवतार शर्मा, डॉ. चन्द्राणी सेन, डॉ. तेजेंदर कौर, प्रो. रश्मि चौधरी, प्रो. उमा मित्तल, डॉ. आशिमा कट्टा और शालिनी खागारोत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों, एनसीसी कैडेट्स तथा विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए लगभग 250 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इनमें यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज, यूनिवर्सिटी महाराजा कॉलेज, यूनिवर्सिटी राजस्थान कॉलेज, यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज, सुबोध पीजी महिला महाविद्यालय, श्री भवानी निकेतन कॉलेज, कनोडिया महिला महाविद्यालय, जेवियर स्कूल और जेएनवी स्कूल, पावटा के विद्यार्थी शामिल रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को मनोविज्ञान के ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, भाषण, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता रैली और साइकोड्रामा का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने पोस्टरों, भाषणों और रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

जागरूकता रैली का शुभारंभ कुलगुरु प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत, विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा पुरी और अन्य अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर किया। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और जरूरत के समय सहायता लेने का संदेश प्रसारित किया।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

Skip to toolbar