Wednesday, October 7, 2026

जिद ने लिखी पहचान, जुनून ने दिलाया सम्मान, ‘द जिद्दी दिल अवॉर्ड्स 2026’ में 15 प्रेरक कहानियों का सम्मान

उदयपुर | शाबाश इंडिया।

किसी ने शारीरिक चुनौतियों को अपनी ताकत बनाया, किसी ने बेजुबान जीवों की सेवा को जीवन का उद्देश्य बनाया, तो किसी ने कला, खेल, चिकित्सा, उद्यमिता और समाजसेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान कायम की। रास्ते और संघर्ष भले ही अलग रहे, लेकिन सभी को जोड़ने वाली एक बात थी—हार न मानने की जिद। इसी जिद, जुनून और संघर्ष को सलाम करने के लिए बीसीआई–बिजनेस सर्कल इंटरनेशनल की ओर से ‘द जिद्दी दिल अवॉर्ड्स 2026’ का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 15 प्रेरक शख्सियतों को सम्मानित किया गया।

बीसीआई के फाउंडर एवं चेयरमैन मुकेश माधवानी ने कहा कि समाज में अनेक लोग बिना प्रचार और दिखावे के लगातार ऐसे कार्य कर रहे हैं, जो दूसरों की जिंदगी बदलने की क्षमता रखते हैं। ऐसे लोगों को पहचान देना केवल उनका सम्मान नहीं, बल्कि उस सोच, साहस और संकल्प का सम्मान है, जो कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच नई पीढ़ी को अपने सपनों के लिए मेहनत करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देते हैं।

‘द जिद्दी दिल’ शो की फाउंडर एवं पॉडकास्टर हीना पथिक ने कहा कि हर व्यक्ति के भीतर कोई न कोई सपना और उसे हासिल करने की जिद होती है। ‘द जिद्दी दिल’ इसी भावना का उत्सव है। यह केवल एक शो या ब्रांड नहीं, बल्कि दृढ़ता, साहस, संकल्प और कभी हार न मानने वाले जज्बे का प्रतीक है।

समारोह में स्टर्लिंग अरावली की ओर से अनुपम कुमार विशेष रूप से मौजूद रहे। बॉलीवुड सिंगर रविंद्र उपाध्याय ने प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ अपनी गायकी से समारोह की शाम को सुरमयी बना दिया।

सम्मानित होने वालों में नारायण कालबेलिया को कालबेलिया समाज के उत्थान के लिए तथा डॉ. रोहित योगी को रेटिना विशेषज्ञ के रूप में चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। महावीर एवं युवराज को बेजुबान जानवरों की सेवा एवं संरक्षण के लिए सम्मान मिला। कम उम्र में योग प्रशिक्षण के क्षेत्र में पहचान बनाने वाली जैनिका भंडारी को यंगेस्ट योगा टीचर के रूप में सम्मानित किया गया, जबकि धरा ब्यावत को शास्त्रीय गायन एवं नृत्य में प्रतिभा के लिए सम्मान मिला।

हुनर ट्राइब के गौतम भारती एवं अवनी जैन ने बेकार समझकर फेंकी जाने वाली वस्तुओं को रचनात्मक उपयोग में बदलकर पर्यावरण एवं कला का अनूठा संदेश दिया। क्रिएंजा की पश्मीना जैन को बच्चों की विशेष क्षमताओं को विकसित करने के अभिनव प्रशिक्षण के लिए सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शन में चार बच्चे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

समारोह की प्रेरक कहानियों में जया महाजन का संघर्ष भी शामिल रहा। दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद वह थ्री-व्हीलर से फूड डिलीवरी कर आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। शगुन कुमावत को कयाकिंग में उपलब्धियों के लिए, जबकि निकिता एवं कंचन को महिला उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

सोशल एक्टिविस्ट एवं स्नेक कैचर राजेंद्र श्रीमाली को सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू एवं संरक्षण के लिए सम्मान मिला। वहीं भोपाल नोपाल्स हॉस्पिटल के एनआईसीयू में कार्यरत देवीलाल शर्मा को समर्पित नर्सिंग सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। व्योहम बंदी, कुनीशा कुमावत, गौरिक लोढ़ा एवं तनमय दरक को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में उपलब्धि दर्ज कराने पर सम्मानित किया गया।

आयोजन को सफल बनाने में जेएचडब्ल्यू एवं क्वींस इवेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह ने संदेश दिया कि असली जीत परिस्थितियों पर नहीं, बल्कि अपने भीतर हार मान लेने वाली सोच पर विजय पाने में है।

रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’

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