
जयपुर | शाबाश इंडिया।
जैन इंजीनियर्स साउथ चैप्टर का क्षमावाणी कार्यक्रम शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को न्यू सांगानेर रोड स्थित रूद्र विलास में श्रद्धा एवं आत्मीयता के साथ आयोजित किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले कार्यक्रम की शुरुआत णमोकार महामंत्र के उच्चारण से हुई, जिसके बाद सदस्यों ने अल्पाहार ग्रहण किया।
कार्यक्रम में पंडित शास्त्री जिन कुमार जी ने दशलक्षण धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दशलक्षण धर्म की साधना से मनुष्य के भीतर क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य एवं ब्रह्मचर्य जैसे सद्गुणों का विकास होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में अहिंसा, संयम और आत्मशुद्धि का प्रकाश बढ़ना चाहिए तथा कषायों का क्षय करना ही आत्मकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने क्षमावाणी के महत्व को समझाते हुए कहा कि क्रोध क्षणिक होता है, लेकिन मन में वैर की गांठ नहीं बनने देनी चाहिए। किसी बात को हृदय में लंबे समय तक रखकर द्वेष पालना उचित नहीं है। क्षमायाचना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हृदय से की जाने वाली आत्मशुद्धि की प्रक्रिया है। अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगना और दूसरों की गलतियों को क्षमा कर देना मनुष्य के चरित्र के दैवीय गुण हैं।
इस अवसर पर जैन इंजीनियर्स साउथ चैप्टर की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने गत वर्ष की गलतियों के लिए सामूहिक रूप से क्षमायाचना की। कार्यकारिणी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई तथा अगली बैठक 31 अक्टूबर को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम में 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ सदस्यों सी.आर. गोधा, पारसमल जैन, पी.सी. बाकलीवाल एवं महेंद्र जैन पापड़ीवाल का माला, दुपट्टा एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। सदस्यों ने उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।
वहीं 4 अक्टूबर को जापान भ्रमण पर जाने वाले 23 सदस्यों का भी सामूहिक रूप से माला एवं दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। सभी सदस्यों ने उनके मंगलमय एवं सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती सुशीला बड़जात्या एवं इंजीनियर श्रीमती अर्चना जैन ने धार्मिक हाऊजी का आयोजन कराया, जिसकी सदस्यों ने सराहना की। अध्यक्ष महेंद्र कासलीवाल ने जैन इंजीनियर्स सोसाइटी फाउंडेशन के 19वें वार्षिक अधिवेशन की जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिवसीय अधिवेशन 8 से 10 जनवरी 2027 तक गोवा में आयोजित होगा। उन्होंने अधिक से अधिक सदस्यों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया।
गोवा अधिवेशन के लिए इंजीनियर देवेंद्र मोहन जैन को मुख्य समन्वयक तथा इंजीनियर विनोद बड़जात्या एवं इंजीनियर बुद्धिप्रकाश जैन को संयोजक मनोनीत किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सचिव विनोद बड़जात्या ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया और कार्यक्रम का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ।


