
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
कहीं तर्कों की धार दिखाई दी तो कहीं विचारों की गहराई और कविता के शब्दों में संवेदनाओं का प्रवाह नजर आया। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय का हिंदी विभाग इन दिनों हिंदी भाषा और साहित्य के विविध रंगों से सराबोर है। हिंदी विभाग तथा राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘हिंदी सप्ताह-2026’ के तहत विद्यार्थियों के लिए वाद-विवाद, निबंध लेखन और कविता पाठ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें युवाओं ने अपनी प्रतिभा, भाषाई कौशल और रचनात्मकता का प्रभावी परिचय दिया।
विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन नंदवाना ने बताया कि हिंदी सप्ताह का उद्देश्य नई पीढ़ी को हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा से रचनात्मक रूप से जोड़ना है।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी भाषा और साहित्य का योगदान’ विषय पर प्रतिभागियों ने पक्ष-विपक्ष में तार्किक ढंग से अपने विचार रखे। प्रतियोगिता में ईशानवी शर्मा ने प्रथम, जेठानंद पंवार ने द्वितीय तथा रुद्राक्षी गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
डॉ. आशीष सिसोदिया ने बताया कि ‘वैश्विक परिदृश्य में हिंदी भाषा और साहित्य की प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने बदलते वैश्विक संदर्भ में हिंदी की भूमिका और संभावनाओं को शब्दों में व्यक्त किया। इसमें विकांशा सुथार प्रथम, दिव्यांशी तंवर द्वितीय तथा खुशी जोशी तृतीय रहीं।
सह संयोजक डॉ. नीता त्रिवेदी ने बताया कि कविता पाठ प्रतियोगिता ने आयोजन में साहित्यिक माधुर्य घोल दिया। प्रतिभागियों ने अपनी स्वरचित रचनाओं के साथ हिंदी के प्रतिष्ठित कवियों की कविताओं का पाठ किया। वीर, श्रृंगार और करुण रस से सराबोर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। प्रतियोगिता में जेठानंद पंवार ने प्रथम, कोमल शर्मा ने द्वितीय तथा निशीथ कुमावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं में डॉ. सुरेश सालवी, डॉ. सुमित्रा शर्मा, डॉ. ज्योतिबाबू जैन, डॉ. डोली मोगरा और डॉ. आशीष सिसोदिया निर्णायक रहे। हिंदी सप्ताह के तहत भाषण एवं पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
डॉ. नंदवाना ने बताया कि हिंदी सप्ताह का समापन 22 सितंबर को होगा। इस अवसर पर ‘हिंदी भाषा : भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की संवाहक’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित कर उनकी रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाएगा।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


