
जयपुर | शाबाश इंडिया।
एम्बिशन किड्स एकेडमी में विद्यार्थियों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष ‘मोबाइल निषेध’ जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों द्वारा स्वयं तैयार एवं अभिनीत लघु नाटिका (Skit) तथा एक लघु डॉक्यूमेंट्री विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुत की गई।

विद्यालय की शिक्षिकाओं अनिता नाहटा, ऊषा माथुर, कोमल कुमारी, निरुपमा गुप्ता, अनिता सक्सेना, कृष्णा एवं पूनम ने लघु नाटिका के माध्यम से मोबाइल की बढ़ती लत और उसके दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। अभिनय के जरिए विद्यार्थियों को बताया गया कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य, आंखों की रोशनी, पढ़ाई में एकाग्रता तथा बच्चों के सामाजिक एवं मानसिक विकास को प्रभावित कर सकता है।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. अलका जैन एवं उपप्राचार्या अनिता जैन ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को संबोधित किया। डॉ. अलका जैन ने कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास को प्रभावित कर रहा है। तकनीक का उपयोग ज्ञान बढ़ाने के लिए होना चाहिए, न कि उसकी लत लगाने के लिए। उन्होंने विद्यार्थियों को मैदानी खेलों और किताबों से दोबारा जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

उपप्राचार्या अनिता जैन ने विद्यार्थियों को मोबाइल के स्थान पर रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेल, रचनात्मक कार्य और सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी भी आवश्यक है।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के निदेशक डॉ. मनीष जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल से दूरी बनाए रखते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की शपथ दिलाई। साथ ही अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम पर निगरानी रखें और तकनीक एवं शिक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने में विद्यालय का सहयोग करें।
विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए अभिभावकों से निरंतर सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।


