उदयपुर | शाबाश इंडिया

बदलते दौर में व्यावहारिक कौशल और नई तकनीकों की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चित्रकूट नगर स्थित पेसिफिक कॉलेज परिसर में 6 से 9 जुलाई तक चार दिवसीय “पेसिफिक कॉलेज स्किल्स एडवांस प्रोग्राम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज विद्यार्थियों के साथ-साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने ज्ञान और कौशल को नई दिशा दी।
कार्यक्रम के प्रथम दिन प्रतिभागियों को प्रोफेशनल फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया गया। साथ ही इंटीरियर डिजाइनिंग के अंतर्गत मॉडल मेकिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच और डिजाइनिंग कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
दूसरे दिन आयोजित डिजिटल मार्केटिंग एवं ग्राफिक डिजाइनिंग सत्र में विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया ब्रांडिंग, ऑनलाइन प्रमोशन, डिजिटल कंटेंट निर्माण और आकर्षक विजुअल डिजाइन तैयार करने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने इन विषयों में विशेष रुचि दिखाते हुए विभिन्न प्रायोगिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
तीसरे दिन रचनात्मक कला आधारित कार्यशालाओं में पाइप क्लीनर फ्लावर मेकिंग और मैकरमे (Macramé) पैटर्न मेकिंग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता का परिचय देते हुए आकर्षक कलाकृतियां तैयार कीं।
कार्यक्रम के अंतिम दिन पर्सनैलिटी डेवलपमेंट एवं पब्लिक स्पीकिंग पर आयोजित सत्र में प्रभावी संवाद शैली, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रस्तुतीकरण कौशल विकसित करने के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। वहीं साइबर सिक्योरिटी एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर आयोजित सत्र में डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन जोखिमों से बचाव और एआई की वर्तमान उपयोगिता तथा भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
कार्यक्रम में राकेश शर्मा ‘राजदीप’, दिव्या लावटी, दीपक तेली, ज्योति शर्मा, ऋतु बार्बर, मुस्कान शर्मा, नेहा जैन, पूर्णिमा शर्मा एवं डॉ. नरेन गोयल ने विशेषज्ञ के रूप में विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
संघ चेयरपर्सन आशीष अग्रवाल ने कहा कि चार दिवसीय कौशल विकास कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को नई तकनीकों से परिचित कराने के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी दक्षताओं, नवाचार और आत्मविकास की दिशा में भी प्रेरित किया।
कॉलेज निदेशक डॉ. रिमझिम गुप्ता ने बताया कि समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।


