Tuesday, June 30, 2026

मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के विहार से मध्य भारत में भक्ति का अभूतपूर्व माहौल

अशोकनगर से गुना तक श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत प्रवाह

गुना। शाबाश इंडिया।

मध्य भारत में परम पूज्य निर्यापकाचार्य मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के विहार एवं प्रवास के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व वातावरण देखने को मिला। अशोकनगर से प्रारंभ होकर ईसागढ़, खनियांधाना, मुंगावली और बंगला होते हुए गुना तक पहुंचे इस विहार मार्ग पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

पिछले कई महीनों से क्षेत्र में भक्ति गीतों और वंदनाओं की गूंज लगातार सुनाई दे रही है। “दीवाना हूं तेरा, मेरे सुधा सागर महाराज…” जैसे भक्ति गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया है। विहार मार्ग पर चल रहे वाहनों और जुलूसों के साथ श्रद्धालुओं की टोली नृत्य और भक्ति भाव में लीन दिखाई दी, जिससे अनेक स्थानों पर जनसैलाब जैसा दृश्य उत्पन्न हुआ।

श्रद्धालुओं का कहना है कि मुनि श्री के दर्शन और प्रवचन के प्रति आस्था इतनी गहरी है कि लोग अपने दैनिक कार्यों को छोड़कर भी उनके पीछे चलने को प्रेरित हो जाते हैं। मध्य भारत के नगरों, चौराहों और गलियों में ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया।

अशोकनगर में हुए चातुर्मास को इस आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि लगभग 33 वर्ष पूर्व भी अशोकनगर में मुनि श्री का चातुर्मास हुआ था, जिसमें ऐतिहासिक “त्रिकाल चौबीसी” जैसी रचना ने नगर को तीर्थ स्वरूप प्रदान किया था।

इस बार भी मुनि श्री के प्रवास के दौरान अनेक राष्ट्रीय एवं धार्मिक आयोजन हुए, जिनमें देशभर से श्रद्धालुओं की भागीदारी रही। प्रवचनों और देशनाओं में उन्होंने आत्मशक्ति, संयम और धर्म के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डाला, जिन्हें श्रद्धालु अत्यंत श्रद्धा से ग्रहण कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं के अनुसार मुनि श्री के प्रवचन और उपदेश अत्यंत प्रभावशाली हैं, जो लोगों को आध्यात्मिक चिंतन की ओर प्रेरित करते हैं। उनके विहार को केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है।

इस दौरान अशोकनगर, मुंगावली, भोपाल, जबलपुर और इंदौर सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। अनेक स्थानों पर भव्य स्वागत यात्राएँ निकाली गईं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह से भर उठा।

श्रद्धालुओं ने गुना में आयोजित पंच मुखी पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, विश्व शांति महायज्ञ एवं गजरथ महोत्सव को भी ऐतिहासिक बताया। वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने आगामी चातुर्मास गुना में ही होने की प्रार्थना भी की।

मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि यह विहार और प्रवास मध्य भारत की धार्मिक चेतना को नई दिशा दे रहा है तथा इसने क्षेत्र के जनमानस पर गहरी छाप छोड़ी है।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article

Skip to toolbar