
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
सुखाड़िया विश्वविद्यालय के निःशुल्क योग शिविर ने पूरे किए 263 सप्ताह, डॉ. पालीवाल ने कराया संगीतमय योग निद्रा का अभ्यास
आधुनिक जीवन की भागदौड़ और मानसिक तनाव के बीच योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मन की शांति और सकारात्मक जीवनशैली का भी सशक्त माध्यम बन रहा है। इसी उद्देश्य से मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय का योग केंद्र निरंतर निःशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर संचालित कर रहा है। शिविर के 263वें सप्ताह का समापन संगीतमय योग निद्रा के विशेष अभ्यास के साथ हुआ।
विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर स्थित विवेकानंद ऑडिटोरियम प्रांगण में शिविर के 1836वें दिन प्रख्यात योगाचार्य डॉ. सुरेश पालीवाल ने साधकों को सूर्य नमस्कार एवं संगीतमय योग निद्रा का अभ्यास करवाया। अभ्यास के दौरान साधकों ने शारीरिक शिथिलीकरण, मानसिक एकाग्रता और आंतरिक जागरूकता पर ध्यान केंद्रित किया।
अक्टूबर 2021 से अनवरत जारी है योग साधना
योग केंद्र के डॉ. हेमराज चौधरी ने बताया कि सामाजिक सरोकारों और जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता के उद्देश्य से अक्टूबर 2021 में शुरू हुआ यह निःशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर बिना किसी अवकाश के लगातार संचालित हो रहा है। शिविर के माध्यम से लोगों को नियमित योगाभ्यास अपनाकर स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवनशैली की ओर प्रेरित किया जा रहा है।
योग निद्रा जागरूकता के साथ गहन विश्राम की प्रक्रिया
योग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र जसकरण सिंह चौहान ने योग निद्रा का महत्व बताते हुए कहा कि यह सामान्य नींद से अलग एक विशेष योगिक प्रक्रिया है। इसमें व्यक्ति जागरूकता बनाए रखते हुए शरीर और मन को गहन विश्राम की अवस्था में ले जाने का अभ्यास करता है।
उन्होंने बताया कि नियमित योग निद्रा का अभ्यास मानसिक तनाव कम करने, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने, एकाग्रता बढ़ाने और आत्मजागरूकता विकसित करने में सहायक हो सकता है।
शिविर के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नियमित योगाभ्यास स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक सोच के साथ बेहतर जीवनशैली अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रिपोर्ट : राकेश शर्मा ‘राजदीप’


