
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
लाडनूं में आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में हुआ वरिष्ठ साहित्यकार का अभिनंदन
पाँच दशकों की अनवरत साहित्य साधना, वैचारिक निष्ठा और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पण के लिए उदयपुर के वरिष्ठ साहित्यकार प्रकाश तातेड़ को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ‘अणुव्रत लेखक पुरस्कार–2026’ से सम्मानित किया गया। तेरापंथ धर्मसंघ की राजधानी लाडनूं में आचार्य महाश्रमण के पावन सान्निध्य में आयोजित समारोह में साहित्य, संस्कार और नैतिक मूल्यों का सुंदर संगम देखने को मिला।
समारोह में अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के अध्यक्ष प्रताप दुगड़, महासचिव मनोज सिंघवी तथा अणुव्रत लेखक मंच के संयोजक जिनेंद्र कोठारी ने प्रकाश तातेड़ को उत्तरीय ओढ़ाकर, सम्मान पट्ट एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनकी दीर्घकालीन साहित्यिक सेवाओं का अभिनंदन किया।
पाँच दशकों का साहित्यिक सफर हुआ सम्मानित
अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी की उपाध्यक्ष डॉ. कुसुम लुनिया ने प्रशस्ति पत्र का वाचन करते हुए प्रकाश तातेड़ के बहुआयामी साहित्यिक व्यक्तित्व और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अणुव्रत आंदोलन से उनके 50 वर्षों के जुड़ाव, लेखन एवं संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रियता तथा विभिन्न साहित्यिक और रचनात्मक गतिविधियों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।
समारोह में अणुव्रत लेखक मंच से जुड़े सौ से अधिक साहित्यकारों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रकाश तातेड़ ने अपनी आभार अभिव्यक्ति में साहित्यिक यात्रा से जुड़े अनुभव और भावनाएं साझा कीं।
इस अवसर पर आचार्य महाश्रमण ने आशीर्वचन एवं मंगलकामनाएं प्रदान कर उपस्थित लेखक समुदाय को प्रेरित किया। उनके सान्निध्य ने समारोह को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष एक साहित्यकार को मिलता है सम्मान
उल्लेखनीय है कि अणुव्रत लेखक पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1997 में हुई थी। राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवर्ष केवल एक साहित्यकार को प्रदान किया जाने वाला यह सम्मान साहित्य जगत में विशिष्ट स्थान रखता है। इससे पूर्व 25 साहित्यकार इस सम्मान से अलंकृत हो चुके हैं।
प्रकाश तातेड़ की इस उपलब्धि पर यूनिक ग्रुप मेंबर्स सहित युगधारा साहित्यिक संस्था, विज्ञान समिति, एम.बी. कॉलेज पूर्व छात्र परिषद तथा सलिला संस्था, सलूंबर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
प्रकाश तातेड़ का यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ ही पाँच दशकों की साहित्य साधना, नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और समाज में सकारात्मक चेतना जगाने वाले साहित्यिक योगदान का गौरवपूर्ण अभिनंदन है।
रिपोर्ट : राकेश शर्मा ‘राजदीप’


