
इंदौर | शाबाश इंडिया।
वास्तुकला, जैन दर्शन, समाजसेवा और संस्कार संवर्धन के क्षेत्र में योगदान के लिए किया गया सम्मानित
अहिल्याबाई की पावन नगरी इंदौर के छत्रपति नगर में वास्तुविद्, जैन दर्शन के मर्मज्ञ, समाजसेवी एवं संस्कार शिविरों के कुशल निदेशक परम आदरणीय दिनेश गंगवाल को ‘महाकवि विद्यासागर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं पावन सानिध्य में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
अखिल भारतीय विद्वत् परिषद के तत्वावधान में तथा श्री दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान के सहयोग से आयोजित समारोह में दिनेश गंगवाल को भाद्रपद माह में आयोजित दश लक्षण धर्म शिविर के सफल निर्देशन के लिए माल्यार्पण कर, शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें एक लाख रुपये की नकद राशि भी प्रदान की गई। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संगीता गंगवाल का भी सम्मान किया गया।
ज्ञान, सेवा और संस्कारों के समर्पित साधक
श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर के प्राचार्य सतीश कुमार जैन ने दिनेश गंगवाल के सम्मान में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तुकला के क्षेत्र में उनका योगदान, जैन दर्शन के प्रति गहन अनुराग, समाजसेवा के प्रति समर्पण और संस्कारों के संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयास वास्तव में अनुकरणीय हैं। उनका व्यक्तित्व ज्ञान, सेवा, संस्कार और समर्पण का सुंदर संगम है।
उन्होंने कहा कि दिनेश गंगवाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व से इस पुरस्कार की गरिमा और प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है। यह सम्मान उनके दीर्घकालीन साधनापूर्ण जीवन, समाज के प्रति समर्पण तथा धर्म-संस्कृति की प्रभावना के लिए किए जा रहे कार्यों का सच्चा सम्मान है।
समारोह में उनके योगदान की सराहना करते हुए मंगल कामना की गई कि पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद से उनका जीवन निरंतर ज्ञान, धर्म, समाजसेवा और संस्कारों की सुगंध से महकता रहे तथा वे इसी प्रकार समाज को नई दिशा प्रदान करते रहें।


