
जयपुर | शाबाश इंडिया।
जैन इंजीनियर्स सोसायटी जयपुर साउथ चैप्टर का 40 सदस्यीय दल जापान के आठ दिवसीय भ्रमण के बाद 12 अक्टूबर 2026 की रात्रि को सकुशल जयपुर लौट आया। दल ने जापान प्रवास के दौरान वहां की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।
दल ने जयपुर से दिल्ली और हांगकांग होते हुए 5 अक्टूबर को दोपहर में टोक्यो पहुंचकर अपने भ्रमण की शुरुआत की। जापान प्रवास के दौरान सदस्यों ने टोक्यो, हकोने, ओवाकुदानी, माउंट फूजी, हमामत्सु, क्योटो, ओसाका, हिरोशिमा सहित आसपास के प्रमुख पर्यटन, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया।
जैन धर्म के संस्कारों के साथ शुरू होता था हर दिन
भ्रमण की शुरुआत टोक्यो स्थित श्री वासुपूज्य स्वामी जैन मंदिर के दर्शन से हुई। यात्रा के दौरान प्रतिदिन भ्रमण शुरू करने से पहले णमोकार मंत्र जाप, दर्शन पाठ, ‘मेरी भावना’ और ‘बारह भावना’ का वाचन किया जाता था। इससे यात्रा के दौरान भी जैन धर्म के आध्यात्मिक संस्कारों और धार्मिक परंपराओं का निर्वहन निरंतर बना रहा।
दल के सदस्यों के लिए पूरे भ्रमण के दौरान जैन शाकाहारी भोजन की व्यवस्था की गई थी। धार्मिक आस्था और अनुशासन के साथ संपन्न इस यात्रा ने सदस्यों को जापान की संस्कृति और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर प्रदान किया।
इन सदस्यों ने किया जापान का भ्रमण
दल में चैप्टर के इंजी. पी.सी. छाबड़ा, इंजी. देवेंद्र मोहन जैन, इंजी. राकेश कुमार बगड़ा, इंजी. बी.पी. जैन, इंजी. अनिल कुमार जैन (आईआरएस), इंजी. राजीव जैन, इंजी. आई.सी. जैन, इंजी. अखिल कुमार जैन, इंजी. अनिल कुमार जैन, इंजी. विजेंद्र कुमार जैन, इंजी. राकेश कुमार जैन, इंजी. सुरेश कुमार जैन, श्रीमती अनिला पाटनी सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
इस आठ दिवसीय भ्रमण के मुख्य संयोजक इंजी. पी.सी. छाबड़ा रहे, जबकि सह-संयोजक के रूप में इंजी. देवेंद्र मोहन जैन, इंजी. बी.पी. जैन एवं इंजी. राकेश बगड़ा ने जिम्मेदारी निभाई।


