
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
गणित के जटिल सवाल जहां प्रतिभा और धैर्य की परीक्षा लेते हैं, वहीं राजस्थान के होनहार प्रखर सिंघवी ने इन्हीं चुनौतियों को अपनी उपलब्धियों की सीढ़ी बना लिया है। संख्याओं से लगाव और गणितीय पहेलियों को सुलझाने के जुनून ने प्रखर को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। वरिष्ठ अधिवक्ता भरत सिंघवी और प्रतिभा सिंघवी के पुत्र प्रखर ने गणित ओलंपियाड से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में शोध तक अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया है।
अमेरिकी गणित प्रतियोगिताओं में परफेक्ट स्कोर
प्रखर की उपलब्धियों में अमेरिका की प्रतिष्ठित अमेरिकन मैथमेटिक्स कॉम्पिटिशन में 150 में से 150 अंक हासिल करना प्रमुख है। इसके साथ ही अमेरिकन इनविटेशनल मैथमेटिक्स एग्जामिनेशन में भी उन्होंने 15 में से 15 अंक प्राप्त कर अपनी गणितीय दक्षता का परिचय दिया।
उनकी उपलब्धियों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। कॉपरनिकस मैथ ओलंपियाड, फिलीपींस इंटरनेशनल मैथ ओलंपियाड, पर्पल कॉमेट मैथ मीट, फर्मेट मैथ ओलंपियाड के ग्लोबल राउंड तथा सिंगापुर एवं एशियन स्कूल्स मैथ ओलंपियाड जैसी प्रतियोगिताओं में भी प्रखर ने शीर्ष स्थान हासिल करने की उपलब्धि दर्ज की।
ब्रिटिश ओलंपियाड से रामानुजन चैलेंज तक शानदार प्रदर्शन
ब्रिटिश मैथमेटिक्स ओलंपियाड के दोनों राउंड में डिस्टिंक्शन हासिल कर प्रखर ने कैम्ब्रिज और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालयों के गणित शिविरों के लिए क्वालीफाई किया। विज्ञान एवं इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रतियोगिताओं में एशिया-प्रशांत और अखिल भारतीय स्तर पर भी उन्होंने प्रथम रैंक प्राप्त की। ईरानी कॉम्बिनेटरिक्स ओलंपियाड के 2024 और 2025 के संस्करणों तथा रामानुजन नेशनल मैथमेटिक्स चैलेंज में अखिल भारतीय प्रथम स्थान हासिल करना उनकी उपलब्धियों में शामिल है।
छात्रवृत्तियों और शोध अनुदान से मिली प्रतिभा को नई उड़ान
प्रखर को अमेरिका के रोचेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से 1.16 लाख डॉलर का हाई स्कूल अवॉर्ड मिला है। जयश्री पेरीवाल इंटरनेशनल स्कूल में 40 लाख रुपये से अधिक की शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति के अलावा यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के कार्यक्रम के लिए 5,000 डॉलर की स्कॉलरशिप और बैंडिट एल्गोरिदम रिसर्च के लिए 2,500 डॉलर का शोध अनुदान भी प्राप्त हुआ है।
ये उपलब्धियां प्रखर की शैक्षणिक क्षमता के साथ-साथ गणित और तकनीकी शोध के प्रति उनकी गहरी रुचि को भी दर्शाती हैं।
गणित के मेधावी से संवेदनशील युवा तक
प्रखर की प्रतिभा केवल प्रतियोगिताओं और शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स में पूर्वाग्रह की पहचान करने तथा उसके गणितीय समाधान तलाशने पर शोध कर रहे हैं।
सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी है। वे विद्यार्थियों को ओलंपियाड गणित सिखाने, वंचित बच्चों को उच्च शिक्षा में प्रवेश संबंधी मार्गदर्शन देने और ‘आरोहा’ के माध्यम से महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों में योगदान दे रहे हैं। जरूरतमंद कैंसर पीड़ित बच्चों के लिए राशन सहायता जुटाने की पहल उनकी संवेदनशील सोच को भी उजागर करती है।
प्रखर सिंघवी की उपलब्धियां इस बात का उदाहरण हैं कि प्रतिभा जब निरंतर परिश्रम, जिज्ञासा और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ती है, तो सफलता व्यक्तिगत उपलब्धि से आगे बढ़कर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन जाती है।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


