
जयपुर | शाबाश इंडिया।
सौंदर्य उद्योग में अब केवल खूबसूरती निखारने ही नहीं, बल्कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की पहल भी तेज हो रही है। इसी संदेश के साथ जयपुर के जेईसीसी में आयोजित पहली इंडियन हेयर एंड ब्यूटी कॉन्फ्रेंस (आईएचबीसी)-2026 का समापन हुआ। सम्मेलन में 18 राज्यों के 54 शहरों से पहुंचे 5,000 से अधिक सैलून संचालकों और ब्यूटी प्रोफेशनल्स ने नकली एवं गैर-मानक सौंदर्य उत्पादों का बहिष्कार करने और भारतीय ब्रांड्स को प्राथमिकता देने का सामूहिक संकल्प लिया।
स्वदेशी उत्पादों से मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था
समापन समारोह की मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देना केवल व्यापारिक निर्णय नहीं, बल्कि राष्ट्र की आर्थिक मजबूती में भागीदारी है। देश में निर्मित गुणवत्तापूर्ण सौंदर्य उत्पादों का उपयोग स्थानीय उद्योगों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने ब्यूटी प्रोफेशनल्स से ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान के सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया।
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने भारतीय ब्रांड्स को घर-घर तक पहुंचाने में सैलून संचालकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया।
सौंदर्य उद्योग को सम्मान और संरक्षण देने की मांग
हेयर एंड ब्यूटी फेडरेशन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पालीवाल ने हेयर एंड ब्यूटी आर्ट को पद्मश्री सम्मान के लिए मान्यता देने का आग्रह किया। उन्होंने नकली उत्पादों पर प्रभावी नियंत्रण, केश कला बोर्ड का कार्यकाल चार वर्ष करने और बोर्ड का नेतृत्व उद्योग से जुड़े अनुभवी व्यक्ति को सौंपने की मांग भी रखी। राज्यपाल ने इन मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
हुनर को नई उड़ान, कौशल विकास पर जोर
सम्मेलन में एमएसएमई योजनाओं, व्यावसायिक शिक्षा, रोजगार और आधुनिक तकनीकों से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। सरकारी योजनाओं के माध्यम से छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
कौशल विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से बीडब्ल्यूएसएससी की निदेशक मोनिका बहल और फेडरेशन की उपाध्यक्ष मधुमिता सैकिया के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। वहीं, लंदन से आए अंतरराष्ट्रीय हेयर एक्सपर्ट डेसमंड मरे ने एडवांस हेयर कटिंग और क्रिएटिव स्टाइलिंग का विशेष प्रशिक्षण देकर प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया।
250 सैलून संचालकों को मिलेगी आर्थिक सहायता
समापन समारोह में अभिनेत्री सेलिना जेटली की मौजूदगी में केटी ग्रुप की ‘सैलून हेल्प स्कीम’ के तहत 250 सैलून संचालकों को 10-10 हजार रुपये की सहायता देने के लिए लकी ड्रॉ निकाला गया। केटी के सीईओ ध्रुव सयानी ने भारतीय सौंदर्य उत्पादों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को उत्साहजनक बताया।
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक पालीवाल और महासचिव निर्मल रंधावा ने कहा कि सम्मेलन ने सौंदर्य उद्योग की एकजुटता, आत्मनिर्भरता और पेशेवर शिक्षा को नई दिशा देने का काम किया है। राष्ट्रीय कमेटी ने सम्मेलन में शामिल प्रतिनिधियों, अतिथियों और सहयोगी कंपनियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


