
उदयपुर | शाबाश इंडिया।
बच्चे की नींद में तेज खर्राटे सुनाई दें, वह मुंह खोलकर सोता हो या रात में बार-बार उसकी सांस अटकती महसूस हो तो इसे महज सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये लक्षण बच्चों में होने वाली ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया (ओएसए) की ओर इशारा कर सकते हैं। बच्चों की नींद से जुड़े ऐसे संकेतों को समझाने के लिए शिशु एवं बाल दंत चिकित्सक डॉ. चिराग अग्रवाल ने क्रॉस रोड इंटरनेशनल स्कूल में जागरूकता सेमिनार आयोजित कर अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद किया।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ओएसए ऐसी स्थिति है, जिसमें सोते समय बच्चे की श्वसन प्रक्रिया बार-बार बाधित होती है। कई बार परिवार इसे सामान्य खर्राटे या गहरी नींद का हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि लंबे समय तक बनी रहने वाली यह समस्या बच्चे की शारीरिक और मानसिक सेहत को प्रभावित कर सकती है।
उन्होंने बताया कि रात में तेज खर्राटे लेना, मुंह से सांस लेना, मुंह खोलकर सोना, बिस्तर गीला करना, बेचैन नींद, दिन में उनींदापन तथा इसके विपरीत जरूरत से ज्यादा चंचल या अतिसक्रिय व्यवहार भी ओएसए के संभावित संकेत हो सकते हैं। लगातार नींद पूरी नहीं होने से बच्चे की एकाग्रता, सीखने की क्षमता, व्यवहार और स्कूल प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि ओएसए की समय रहते पहचान महत्वपूर्ण है। उचित चिकित्सकीय जांच और उपचार से बच्चे की नींद एवं सांस लेने की प्रक्रिया में सुधार के साथ उसके संपूर्ण विकास, ऊर्जा स्तर और दैनिक व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
सेमिनार में अभिभावकों और अध्यापकों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए बच्चों की नींद, खर्राटों और श्वसन संबंधी समस्याओं को लेकर सवाल पूछे। आयोजन में डॉ. गरिमा अग्रवाल का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
उल्लेखनीय है कि डॉ. चिराग अग्रवाल और डॉ. गरिमा अग्रवाल पिछले 18 वर्षों से उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं। हाल ही में चिकित्सक दंपति ने उदयपुर में बहुविशेषता सौंदर्य एवं दंत चिकित्सालय की भी शुरुआत की है।
रिपोर्ट फोटो: राकेश शर्मा ‘राजदीप’


