
नई दिल्ली | शाबाश इंडिया।
अदिति महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के शोध एवं विकास प्रकोष्ठ (R&D Cell) तथा अद्वितीय रिसर्च एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘रिसर्च फंडिंग अपॉर्चुनिटीज: प्रपोजल राइटिंग से प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन तक’ विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में 30 संकाय सदस्यों, शोधार्थियों तथा 70 छात्र-छात्राओं सहित कुल 100 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम प्राचार्या प्रो. नीलम राठी एवं संयोजिका प्रो. भावना राजपूत के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। मुख्य वक्ता डॉ. अनुपम जैन, एसोसिएट प्रोफेसर, एमिटी विश्वविद्यालय, राजस्थान ने प्रभावी शोध प्रस्ताव तैयार करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने शोध समस्या के चयन, शोध उद्देश्यों के निर्धारण, शोध कार्यप्रणाली, विभिन्न फंडिंग एजेंसियों, प्रोजेक्ट टाइमलाइन तथा परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझाया। साथ ही उन्होंने BRICS देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रो. भावना राजपूत ने शोध के महत्व पर जोर देते हुए प्रतिभागियों को शोध कार्य के प्रति प्रोत्साहित किया। कार्यशाला का समन्वय डॉ. सुनीता दहिया, डॉ. पारुल चोपड़ा एवं डॉ. लवली ने किया। छात्र टीम की अध्यक्ष गणीशा दूबे एवं उपाध्यक्ष तन्वी गुप्ता ने भी कार्यक्रम के संचालन में सहयोग प्रदान किया।


