रसाल। शाबाश इंडिया।

दिगंबर जैन मंदिर, रसाल में मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य के अंतर्गत आयोजित वेदी एवं शिखर निष्ठापन महोत्सव सोमवार को श्रद्धा, भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समारोह का आयोजन 108 मुनि सुवंध्य सागर महाराज के आशीर्वाद तथा पंडित अमित शास्त्री (जबलपुर) के सान्निध्य में हुआ।
प्रातःकाल कलशाभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं याग मंडल विधान का आयोजन किया गया। विधान के दौरान ध्वजारोहण का सौभाग्य लालचंद, कमलकुमार, सुभाषचंद एवं पियूष पहाड़िया परिवार को प्राप्त हुआ।
विधान में मंजू देवी–सुभाष पहाड़िया परिवार को सोधर्म इन्द्र तथा लालमणी–ज्ञानचंद अजमेरा परिवार को ईशान इन्द्र बनने का सौभाग्य मिला। इसके अलावा शांति देवी परिवार, संतोष देवी–सुरेश कुमार पांड्या परिवार, चंदा देवी–माणकचंद काला परिवार, सीमा–राजकुमार पांड्या परिवार तथा बबीता–अशोक कुमार अजमेरा परिवार ने भी इन्द्र पद की सेवा का लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर अस्थायी वेदी पर मूलनायक भगवान सुपार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजमान कराई गई। भगवान सुपार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजमान कराने का सौभाग्य लालचंद, कमलकुमार, दुलीचंद एवं दीपक डोसी (मुंबई) परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं भगवान पार्श्वनाथ की प्रतिमा विराजमान कराने का सौभाग्य लालचंद, जितेंद्र, नीरज एवं चिराग पहाड़िया परिवार को मिला।
अशोक अजमेरा ने बताया कि रसाल स्थित यह लगभग 400 वर्ष प्राचीन एवं अतिशयकारी दिगंबर जैन मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। निष्ठापन महोत्सव में कुचामन, लाडनूं तथा आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान के दर्शन किए और धर्मलाभ अर्जित किया।


