Tuesday, June 30, 2026

श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय की पहल बनी प्रेरणा, गुरु-शिष्य सम्मान समारोह में 2000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

शाबाश इंडिया | ऐलनाबाद/नोहर।

शिक्षा, संस्कार और सम्मान की भावना से ओत-प्रोत वातावरण के बीच आयोजित “गुरु-शिष्य सम्मान समारोह-2026” विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी एवं यादगार बन गया। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय द्वारा छात्र कल्याण क्लब स्पंदन के अंतर्गत संचालित सद्भाव क्लब के संयोजन में नोहर-सहवा रोड स्थित रामा मैरिज पैलेस में आयोजित इस भव्य समारोह में बारहवीं कक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 2000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

गौरतलब है कि श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय एवं सैनिक स्कूल हनुमानगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में पिछले कई वर्षों से प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। पूरे कार्यक्रम में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष बल दिया गया।

श्री गुरु गोविंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल अंकों से नहीं, बल्कि अनुशासन, सकारात्मक सोच, संस्कार और निरंतर परिश्रम से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और कठिन परिस्थितियों में भी संघर्षरत रहने की प्रेरणा दी। साथ ही उन्होंने संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर भी जोर दिया।

विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार जुनेजा ने बताया कि वर्तमान में 12 हजार से अधिक विद्यार्थी विश्वविद्यालय से जुड़े हैं, जिनमें विदेशी छात्र भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने योग के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि मेला भी सफलतापूर्वक आयोजित किया है। खेलों में विद्यार्थियों ने 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक प्राप्त किए हैं।

समारोह के मुख्य वक्ता एवं सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला ने कहा कि अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की आदत सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता के त्याग और मार्गदर्शन का सम्मान करने तथा समय के साथ स्वयं को अपडेट रखने की अपील की।

इस अवसर पर थाना प्रभारी अजय गिरधर, कर्नल ओ.पी. सुमरा, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विनोद बेनीवाल, सहित अनेक शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास विद्यार्थियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करता है।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के विभिन्न सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मंच संचालन अनिल जिज्ञासु एवं मदन लाल शर्मा ने किया। अंत में सभी अतिथियों ने इस आयोजन को शिक्षा, संस्कार और सम्मान के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

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