मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में गुना में हुआ भव्य धार्मिक आयोजन

गुना। शाबाश इंडिया।
मुंगावली से गुना की ओर विहार करते हुए परम पूज्य राष्ट्रसंत, निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ (18 पिच्छिकाओं के साथ) का आगमन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। भीषण गर्मी के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालु संत संघ के साथ पदयात्रा में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने इसे संतों की करुणा और तपोबल का जीवंत अनुभव बताया।
लगभग आठ दिनों के प्रवास के दौरान जिले में अनेक धार्मिक एवं सामाजिक कार्य संपन्न हुए। इस अवधि में अथाईखेड़ा ग्राम में ‘सुधा सागर धाम’ की स्थापना की गई, जिसे जैन समाज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इसके पश्चात गुना में पंच मुखी पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, विश्व शांति महायज्ञ एवं गजरथ महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। यह आयोजन प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भइया (अशोकनगर) के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ।
इस महोत्सव में विभिन्न धार्मिक पात्रों का सौभाग्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ। जिनमें—
भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य
एस.के. जैन (अध्यक्ष, पुण्योदय तीर्थ कमेटी), अरविंद जैन (शरद एजेंसी), देवेन्द्र सिंघई (गौशाला अध्यक्ष), सुधीर छतरपुरिया एवं सुनील छतरपुरिया सहित अन्य श्रद्धालुओं को प्राप्त हुआ।
सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य
सुरेश चंद, भूपेश जैन (म्याना परिवार), अखिलेश जैन (शीतलनाथ जिनालय परिवार), शैलेन्द्र जैन (पाटई परिवार), प्रद्युम्न एवं धर्मेन्द्र जैन (सरिता स्टील परिवार), अनुज जैन (छतरपुरिया परिवार) को मिला।
महायज्ञ नायक के रूप में
डॉ. प्रीतेश जैन, डॉ. रागिनी जैन, मनोज स्वराज, तरुण जैन, सोनाली केविन, धनपति कुबेर, अतुल छतरपुरिया, विनोद जैन (जामनेर परिवार), संजय एवं प्रीति जैन (बजरंगगढ़ परिवार) तथा विमल एम्पोरियम (हाट रोड परिवार) सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भूमिका निभाई।
इस महोत्सव में साठ से अधिक मुख्य पात्रों ने अनुष्ठान में सक्रिय सहभागिता की, जिससे यह आयोजन जैन समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन गया।
मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि यह पंच कल्याणक महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ समाज पर अमिट छाप छोड़ने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा कि मुनि श्री के सान्निध्य में अनेक तीर्थ एवं धार्मिक कार्यों का सफल संपादन हुआ है।
सर्वोदय ज्ञान तीर्थ में 76 फीट ऊंचाई पर भगवान बाहुबली स्वामी का भव्य महामस्तकाभिषेक भी संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। श्रवणबेलगोला की परंपरा की तर्ज पर आयोजित इस आयोजन को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
दीक्षा कल्याणक के अवसर पर युगल दीक्षार्थियों के दर्शन ने श्रद्धालुओं को गहराई से प्रभावित किया। विश्व शांति महायज्ञ करोड़ों मंत्रोच्चारण के साथ सानंद सम्पन्न हुआ।
हजारों श्रद्धालुओं के सहयोग एवं परिश्रम से यह महोत्सव भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक रूप में सफल रहा। आयोजकों ने सभी सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।


