जयपुर/सावरदा, 28 फरवरी 2026: दिगंबर जैन महासमिति राजस्थान अंचल एवं महिलांचल के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार, 23 फरवरी को ग्राम सावरदा स्थित दिगंबर जैन मंदिर में छठा मासिक अभिषेक एवं भगवान धर्मनाथ पूजन विधान अत्यंत श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संगठन की एकजुटता और आध्यात्मिक समर्पण का जीवंत उदाहरण सिद्ध हुआ।
तीर्थ वंदन के साथ यात्रा का शुभारंभ
आयोजन में सम्मिलित होने के लिए लगभग 70 महिला सदस्यों ने प्रातः 7:00 बजे जयपुर से प्रस्थान किया। मार्ग में श्रद्धालुओं ने नरेना जी एवं आकोदा जी अतिशय क्षेत्रों के दर्शन कर धर्मलाभ प्राप्त किया। बस यात्रा के दौरान भजनों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बनाए रखा।
संगीतमय विधान और मुख्य सहभागिता
सावरदा पहुँचकर भगवान धर्मनाथ का संगीतमय पूजन विधान आयोजित किया गया, जिसमें सभी ने भक्ति रस में सराबोर होकर अर्घ्य समर्पित किए। कार्यक्रम की मुख्य मांगलिक क्रियाएं निम्नलिखित महानुभावों द्वारा संपन्न की गईं:
- दीप प्रज्वलन: श्रीमती मिश्रा देवी छाबड़ा
- शांतिधारा: श्री मुकेश जी पाटनी
- मुख्य कलश स्थापना: श्रीमती सुनीता गंगवाल
- मण्डल अर्घ्य: श्रीमती अनीता जी जैन
- मंगलाचरण: रिद्धिमा जैन
संगठन और नेतृत्व का सराहनीय प्रयास
इस सफल आयोजन के पीछे महासमिति के पदाधिकारियों का कुशल प्रबंधन रहा। राष्ट्रीय महामंत्री सुरेन्द्र जी पांड्या के परामर्श और अंचल कार्याध्यक्ष राजेश जी बड़जात्या के मुख्य समन्वय में कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। महिलांचल राजस्थान की अध्यक्षा शकुंतला बिंदायका, मंत्री सुनीता जैन व सुनीता गंगवाल तथा कोषाध्यक्ष उर्मिला जैन के नेतृत्व में आयोजक मंडल ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभाला।
गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में श्री महावीर जी बिंदायका, श्री रमेश जी गंगवाल, श्री वीरेंद्र जी और श्री पवन जी कासलीवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। बस व्यवस्था और यात्रा प्रबंधन में कोषाध्यक्ष उर्मिला जैन, शीला जी, मधु जी, बीना शाह और पुष्पा बिलाला का विशेष योगदान रहा। महासमिति का यह मासिक आयोजन समाज के लिए अनुकरणीय और प्रेरणादायी रहा, जिसने सदस्यों के बीच सेवा भावना और धार्मिक जुड़ाव को और अधिक सुदृढ़ किया।


