आचार्य श्री 108 सुंदर सागर जी महाराज संसंघ एवं आचार्य श्री 108 शशांक सागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ भव्य समारोह
जयपुर। पारस विहार मुहाना मंडी के चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विराजित 300 वर्ष प्राचीन पार्श्वनाथ भगवान की प्रतीमा का 13 वां वार्षिक स्थापना दिवस परम प्रभावक, दिव्य तपस्वी, राष्ट्र संत आचार्य श्री 108 सुंदर सागर जी महाराज संसंघ एवं आचार्य श्री 108 शशांक सागर जी महाराज के सानिध्य में बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। अध्यक्ष पवन कुमार गोदिका ने बताया कि आचार्य श्री 108सुंदर सागर जी महाराज संसंघ का 30.11.25 को प्रातः 7.00 बजे एस. एफ. एस. जैन समाज/चित्रकूट कालोनी जैन समाज की सहभागिता से एसएफएस मंदिर से विहार कर प्रातः 8.00 बजे बोनी हाइट सोसाइटी गेट नंबर 3 मुहाना मंडी पर पहुंचे कोषाध्यक्ष विरेन्द्र के सेठी व संरक्षक संतोष सडूवाले एवं समाज के सभी साधर्मी बंधुओं ने अगवानी की एवं आचार्य श्री का पादपक्षालण किया गया।
मंत्री प्रमोद बाकलीवाल ने बताया कि भव्य जुलुस के साथ आचार्य श्री संसंघ का पारस विहार चिंतामणि पाश्व॑नाथ दिगंबर जैन मंदिर जी में प्रात: 8.30 मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य श्री के आशीष प्रवचन से पूर्व आचार्य श्री विमल सागर जी गुरु भगवन के चित्र अनावरण करने का सौभाग्य मृणाल-नताशा, वंशिका, योगिता अलवर वालों को मिला, तत्पश्चात् आचार्य श्री ने अपने मंगलमय उद्बोधन में पद्मपुराण में श्रीरामचरितमानस का महत्व सकल जैन समाज को समझाया।
उपाध्यक्ष धमेंद्र गोदिका ने बताया कि समिति के अध्यक्ष पवन कुमार – सरोज, प्रतीक- रुचि आध्या, मानवी गोदिका एवं भागचंद – रतन देवी, अशोक ,अरुण – शशीजी रेवड़ीवाले को आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का मंदिर परिसर में सोभाग्य मिला । आचार्य श्री के सानिध्य में चौसठ ऋद्धि मंडल विधान पुजा विधानाचार्य रमेश गंगवाल, सन्मति बडजात्या द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ से सम्पन्न हुई। आचार्य श्री का एक दिवस सानिध्य मिलने पर मंदिर के संरक्षक देव प्रकाश खण्डाका पारस विहार एवं आसपास की कॉलोनी के रहवासी रत्नत्रय महिला जाग्रति संघ, केसर चोराह, मुहाना मंडी रोड, सकल जैन समाज जयपुर के सेकड़ो साधर्मी बंधुओं ने पूरे उत्साह के साथ सभी कार्यक्रमों में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त किया। आचार्य श्री संघ का सायं काल 4.00 बजे पारस विहार से मंगल विहार होकर सायंकाल एस.एफ.एस मानसरोवर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश हुआ।


