शांतिसागर पाठशाला के बच्चों ने पूजन अभिषेक किया
मुनि पावन सागर महाराज का सोहेला के लिए विहार
निवाई। शीतकालीन प्रवास के दौरान रविवार को सन्त निवास नसियां जैन मंदिर में आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि श्री पावन सागर महाराज ने पाप और पुण्य की लीला पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संसार में पुण्य और पाप दो की लीला है। जिस प्रकार चलने के लिए दो पैर, काम करने के लिए दो हाथ, विश्व के पदार्थों को देखने के लिए दो आंखें और वस्तु व्यवस्था को समझने के लिए दो नय है। इसी प्रकार संसार में सुख दुख का उपभोग करने के लिए पुण्य और पाप है अर्थात जो आत्मा को पवित्र करें निर्मल बनायें वह पुण्य है और जो आत्मा का पतन करें आत्मा को विकृत करें, दुर्गति में ठोकरें दिलाये वह पाप है। जैन मुनि पावन सागर महाराज जयपुर से जबलपुर जाते समय पद विहार में एक दिवसीय प्रवास के दौरान श्रद्धालुओं को कहा कि आगम और अध्यात्म की अपेक्षा जिससे सौभाग्य जगे, भाग्य फले, मन चिंतित कार्य सम्पूर्ण हो, पांचों इंद्रियों की अनुकूलता मिल जाए एवं शरीर में आधि व्याधियां प्रवेश न करें, सारे संसार में इच्छित वस्तुएं मिल जाए उसे पुण्य कहते हैं।
उन्होंने कहा कि सरल भाषा में पुण्य और पाप को इस प्रकार समझा जा सकता है कि जिससे अनुकूलता मिले वह पुण्य और जिससे प्रतिकूलता मिले वह पाप है। यघपि आध्यात्मिक दृष्टि से पुण्य पाप को आत्मा के उत्थान पतन में सहायक नहीं माना क्योंकि ऐसा मान लेने पर आत्मा का अस्तित्व ही नहीं रह जाएगा। आत्मा ज्ञान दर्शन स्वरूप है और पुण्य पाप अचेतन जड़ रुप है। किन्तु संसारी प्राणी पुण्य और पाप के मध्य उलझकर अपना सर्वस्व कर्मों के ऊपर डाल देता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्रावकों के अपने कर्तव्य है उसी प्रकार मुनिराजो के भी अपने कर्तव्य है। अपने अपने कर्तव्य का पालन करके ही अपनी अपनी मर्यादा का पालन करके ही विश्व के समस्त प्राणी अपने अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। धर्म सभा से पूर्व मंगलाचरण विमल जौंला एवं नसियां मंदिर एवं शांति सागर पाठशाला की बालिकाओं ने किया। इसके पश्चात आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज संध के मुनि प्रभव सागर महाराज के साथ 26 जैन साधु एवं सकल दिगम्बर जैन समाज के द्वारा शीतकालीन प्रवास हेतु जैन मुनि पावन सागर महाराज को श्री फल चडा़कर अनुनय विनय की।
जैन समाज के प्रवक्ता विमल जौंला एवं सुनील भाणजा ने बताया कि रविवार को नसियां जैन मंदिर पर शांतिसागर पाठशाला के बालक बालिकाओं ने पूजन अभिषेक किया जिसमें भगवान शांतिनाथ जी, एवं देव शास्त्र गुरु के साथ जैन मुनियों की पूजा अर्चना की। इस दौरान अतिशय क्षेत्र निमोला के नव निर्वाचित अध्यक्ष बाबूलाल जैन राणोली एवं जैन गौरव रमेश काला टोंक का जैन समाज निवाई द्वारा राजस्थानी परम्परा अनुसार स्वागत किया गया। इस दौरान मुनि पावन सागर महाराज का सोहेला के लिए मंगल विहार हुआ। इस अवसर पर महावीर प्रसाद पराणा हुकमचंद जैन गोपाल जैन सुशील गिन्दोडी़, शंभु कठमाणा अधिवक्ता रवि जैन महेन्द्र चंवरिया नवरत्न टोंग्या त्रिलोक रजवास दिलीप बगड़ी प्रेमचंद सोगानी संजय जैन मुकेश बनेठा दीपक पराणा अनिल जैन, पारसमल चेनपुरा ज्ञानचंद झिलाय सुनील चेनपुरा विमल सोगानी अतुल ठोलिया मनोज पाटनी प्रकाश चंद चिराग जैन बंटी झांझरी सहित अनेक लोगों ने मुनि श्री को जयधोष के साथ श्री फल चडा़कर आशीर्वाद लिया।


