Friday, March 6, 2026

बागौर की हवेली में सजी है ध्यान, कमल और वृत्त के प्रतीकों से उभरी दिव्यता

लुभाती है चेतना, प्रकाश और ऊर्जा के रंगों से सृजित 40 कृतियां

उदयपुर। सूक्ष्म परमाणु रहस्य से लेकर फूल खिलने के पवित्र क्षण तक, शांति, आनंद और दिव्य सामंजस्य प्रतीक प्रकृति के हर स्वरूप में एकता और अनंतता के साथ सार्वभौमिक चेतना की ऊर्जा को अभिव्यक्त करती 40 सृजन कृतियों की प्रदर्शनी गणगौर घाट स्थित बागौर की हवेली कला दीर्घा में मंगलवार को शुरू हुई। गुजरात ललितकला अकादमी के सहयोग से आयोजित अंकलेश्वर के चित्रकार प्रकाश टेलर की इस एकल चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ लेकसिटी के ख्यात पिछवाई और मिनिएचर कलाकार राजाराम शर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

गैलेरी में टंगी कैनवास पर एक्रेलिक मीडियम से बनी अधिकांश कृतियां रंग, प्रकाश और ऊर्जा के माध्यम से एक आंतरिक यात्रा का अनुभव कराती हैं। कलाकार प्रकाश बताते हैं कि यहां प्रदर्शित चित्रों में दर्शाया गया ध्यानमग्न चेहरा भीतरी शांति, स्थिरता और मौन आभा को व्यक्त करता है, जबकि रंगों की मुलायम तरंगें ऊर्जा, जागरूकता और दिव्य स्पंदनों का प्रतिनिधित्व करती हैं। वे कहते है कि रूप और तकनीक से परे, मेरी कला का सार संतुलन, अशांति से शांति तक, गति से स्थिरता तक, और बाहरी जगत से भीतर की दिव्य रोशनी की ओर एक यात्रा का गुलदस्ता है।

उद्घाटन अवसर पर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के उपनिदेशक (कार्यक्रम) पवन अमरावत, अधीक्षण अभियंता सीएल सालवी, कार्यक्रम अधिशाषी हेमंत मेहता, भूपेन्द्र कोठारी, डॉ. सुनील निमावत, महेन्द्र गहलोत, प्रदीप मेघवाल, मेहमूद, वरिष्ठ पत्रकार राकेश शर्मा ‘राजदीप’, युवा चित्रकार मंदीप मीरा, राजेंद्र हिलोरिया, ललित सोनी, राकेश-दक्ष सोनी, लोकेश तलेसरा सहित कई वरिष्ठ और नवोदित कलाकार मौजूद थे। यह कला प्रदर्शनी 27 नवम्बर तक कला प्रेमियों को सुबह 10 से शाम 7 बजे तक नि:शुल्क अध्यात्म, रंगों और अभिव्यक्ति के अनूठे संगम की अनुभूति कराएगी।

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