दिगम्बर जैन मंदिरों में हुऐ पूजा अर्चना के विशेष आयोजन
जयपुर। जैन धर्म के 9वें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव शुक्रवार, 21 नवम्बर को भक्ति भाव से मनाया गया । इस मौके पर शहर के दिगम्बर जैन मंदिरों में पूजा अर्चना के विशेष आयोजन किए गए । राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि प्रातः भगवान पुष्पदंत नाथ के अभिषेक के बाद विश्व में सुख शांति और समृद्धि की कामना करते हुए शांतिधारा की गई । तत्पश्चात अष्ट द्रव्य से श्री जी की पूजा अर्चना की गई । पूजा के दौरान मंत्रोच्चार के साथ जन्म कल्याणक श्लोक ” मंगसिर सितपच्छं परिवा स्वच्छं, जनमें तीरथनाथाजी। तब ही चवभेवा निरजर येवा, आय नये निजमाथाजी।। सुरगिरिनहवाये मंगल गाये, पूजे प्रीति लगाई जी। मैं पूजौं ध्यावौं भगति बढावौं, निजनिधि हेतु सहाई जी ।। ” का उच्चारण करते हुए जन्म कल्याणक अर्घ्य चढाया गया । इसी तरह से तप कल्याणक श्लोक का उच्चारण करते हुए तप कल्याणक अर्घ्य चढाया गया । भगवान पुष्प दंत नाथ की महाआरती के बाद समापन हुआ । राजस्थान जैन सभा जयपुर के उपाध्यक्ष विनोद जैन ‘कोटखावदा’ के अनुसार मुख्य आयोजन चार दीवारी स्थित प्राचीन जिनालय दिगम्बर जैन मंदिर जी छाबड़ान् मनिहारो का रास्ता में प्रबन्धकारिणी समिति के मंत्री प्रद्युम्न पाटनी के नेतृत्व में किया गया।
प्रातःकाल 7.30 बजे पंचामृत अभिषेक, शांति धारा, नित्य नियम पूजा व पुष्पदंत भगवान की विशेष पूजा की गई। तत्पश्चात मंदिरजी के ऊपर छत पर ध्वजा परिवर्तन किया गया। समाजश्रेष्ठी प्रेम चन्द, शरद एवं परिजनों द्वारा ध्वजा शुद्धिकरण व ध्वजा पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ ।तत्पश्चात जयकारों के बीच ध्वजा परिवर्तन की गई। इस मौके पर मंदिर समिति के मंत्री प्रद्युम्न पाटनी, कोषाध्यक्ष अजय बोहरा, मनोज ठोलिया सहित बडी संख्या में जैन बन्धु शामिल हुए।
श्री जैन के मुताबिक सांगानेर थाना सर्किल पर स्थित चित्रकूट कालोनी के श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्य सुन्दर सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में भगवान पुष्प दंत नाथ का जन्म व तप कल्याणक महोत्सव मनाया गया। श्री जैन के मुताबिक संघीजी मंदिर सांगानेर, आगरा रोड स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चूलगिरी, मोती सिंह भोमियो का रास्ता स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर चौबीस महाराज, सूर्य नगर तारों की कूट, सहित कई मंदिरों में पूजा अर्चना के विशेष आयोजन हुए ।


