Friday, March 6, 2026

गुलाबी नगरी जयपुर के दुर्गापुरा की पावन धरा पर सुनीता दीदी जैनेश्वरी दीक्षा के पश्चात बनी आर्यिका श्री 105 निश्चयमती माताजी

जयपुर। श्री दिगम्बर जैन मंदिर चन्द्रप्रभजी दुर्गापुरा में विराजमान परमपूज्य गणिनी आर्यिका श्री 105 सरस्वती माताजी द्वारा सुनिता दीदी का जैनेश्वरी दीक्षा के पश्चात आर्यिका श्री 105 निश्चयमती माताजी नाम करण करते ही बड़े हर्ष के साथ परिसर जय जयकार से गुंजायमान हो गया| मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रकाश चन्द चांदवाड, एवं मंत्री राजेन्द्र काला ने बताया कि भव्य जैनेश्वरी दीक्षा का मुख्य कार्यक्रम 21 नवम्बर को प्रात: 4.30 बजे ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी की केशलोंच से प्रारंभ हुआ। प्रात: 7 बजे अभिषेक शांतिधारा के पश्चात मंगलाचरण महिला मंडल की सदस्याओं ने प्रस्तुत किया। परमपरागत आचार्यों के बड़े भक्ति भाव से अर्घ्य सतेन्द्र पांड्या, सुनील संगही, नरेश बाकलीवाल, विमल गंगवाल, जय कुमार जैन के साथ ट्रस्टीजन,अध्यक्ष रेखा लुहाड़िया मंत्री रानी सोगानी के साथ महिला मंडल, गणधरवलय विधान के इन्द्र इन्द्राणी, दीक्षार्थी के परिवारजन, दुर्गापुरा जैन समाज के पुरुष, महिलाओं ने समर्पित किये, आर्यिका संघ को ब्रह्मचारिणी दीदियों ने अर्घ्य समर्पित किया।

कार्यक्रम में दीक्षार्थी को अठ्ठाइस महाव्रती के नियम देकर मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर किया। निश्चयमती माताजी को पिच्छिका एवम् कमण्डलु भेंट महेन्द्र कुमार जी शीला जी जैन, शास्त्र भेंट पुष्पा जी धर्म पत्नी स्वर्गीय हरक चंद जी शिलांग निवासी, वस्त्र भेंट सुधा जी लोकेश जी लुहाड़िया, पंचमुष्ठी केशलोंच के केश लेने का डॉ मोहन लाल शांति देवी मणि, जप माला देने का सुरबाला जी मोनिका जी ने पाद प्रक्षालन हर्ष चंद मनोज कुमार सोगानी ने कर पुण्यार्जन किया। कार्यक्रम के भोजन पुण्यार्जक प्रवीण कुमार पांड्या बनारस वाले थे। प्रतिष्ठाचार्य पं विमल सोगानी संगीतकार आकाश जैन ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। कार्यक्रम में मनीष वैद, विनोद कोटखावदा, राकेश गोदीका सहित गणमान्य उपस्थित रहे।

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